A Handbook Of Scientific & Practical Palmistry Author- Dayanand Verma
लंकापति रावण के दशानन होने को उसके बहुमुखी ज्ञान का प्रतीक भी माना जाता है I वह दसो दिशाओं का ज्ञाता था I उसे सूर्य सारथी अरुण ने ज्योतिष का ज्ञान दिया था I वह त्रिकालज था I दशग्रीव अनन्य उपासक था गुह्य विद्याओं के अधिष्ठाता भगवान शिव का I उन्ही से मिला था उसे तंत्र मन्त्र का परम ज्ञान I अपनी इन्ही दिव्य व अमोघ शक्तियों के फलस्वरूप रावण ने काल तक को बना लिया था अपना बंधक I "रावण संहिता" नामक इस ग्रन्थ में रावण की जीवनगाथा के साथ ही उन साधनाओं का भी वर्णन है
इस विषय की पुस्तकों की भीड़ से हटकर यह हस्तरेखा विश्व-कोश अपने आपमें पूर्ण ऐसी पुस्तक है जो आपकी हस्तरेखा सम्बन्धी सभी जिज्ञासाओ को शांत करने में समर्थ है I जिसे पढ़कर अन्य पुस्तक को पढ़ने की आवशयकता नहीं पड़ेगी I
Be like peter: he succeeded
System) and honoured with the title of “Bharat Jotish Bhaskar” acquiring gold medal by Jotish Vidyapeeth
Autobiography of a Yogi [Hindi] Practical Palmistry Hand Reading Simplified 54 Illustrations [English] A Handbook Of Scientific &Author Paramhansa Yogananda , , , , , , ( ), , " "